image

विष्णुगुप्त चाणक्य

जन्म : 371  ईसा-पूर्व, भारत
मृत्यु : 283  ईसा-पूर्व, पाटलिपुत्र

परिचय : चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे । वे ‘कौटिल्य’ नाम से भी विख्यात है । उन्होंने नंदवंश का नाश करके चन्द्रगुप्त मौर्य को राजा बनाया । उनके दवारा रचित अर्थशास्त्र राजनीति , अर्थनीति , कृषि , समाजनीति आदि महान ग्रन्थ है ।
उनके जैसा कोई राजनीतिक न हुआ और न भविष्य में होगा ।

image

Great Thoughts of Chankya

चाणक्य के महान विचार :-

1 . व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले ही मर जाता है । वो अपने अच्छे और बुरे कर्मो का फल खुद ही भुगतता है । और वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है ।

2. भगवान मूर्तियो में नहीं है । आपकी अनुभूति आपका ईश्वर है । आत्मा आपका मन्दिर है ।

3. अगर सांप जहरीला न भी हो तो भी उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए ।

4. इस बात को व्यक्त मत होने दीजिए कि अपने क्या करने के लिए सोचा है , बुद्धिमती से इसे रहस्य बनाये रखे और इस काम को करने के लिए दृढ़ रहे ।

4.  शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है । एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मान पाता है । शिक्षा सौंदर्य और यौवन को परास्त कर देती है ।

5. जैसे ही भय आपके करीब आये , उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दे ।

6. किसी मुर्ख व्यक्ति के लिए किताबे उतनी ही उपयोगी है , जितना कि एक अंधे व्यक्ति के लिए आइना ।

7. जब तक आपका शरीर नियंत्रण में और स्वस्थ है और मृत्यु दूर है , अपनी आत्मा को बचाने कि कोशिश करे , जब मृत्यु सिर पर आएगी तब आप क्या कर पाएंगे ?

8. कोई वयक्ति अपने कार्यो से महान होता है , अपने जन्म से नही ।

9.  जिस प्रकार सूखे पेड़ को आग लगा दी जाये तो वह पूरा जंगल जला देता है , उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार को बर्बाद कर देता है ।

10. दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति युवा शक्ति और औरत की सुंदरता है ।

image

11. सबसे बड़ा गुरुमन्त्र अपने राज किसी को मत बताये । ये आपको बर्बाद कर देगा ।

12. पहले पांच सालो में अपने बच्चों को बड़े प्यार से रखे । अगले पांच साल उन्हें डांट-डपट के रखे । जब वह सोलह साल का हो जाये तो उसके साथ एक मित्र की तरह व्यवहार करे । वयस्क बच्चे ही आपके सबसे अच्छे मित्र है ।

$

पड़े:- अगर आप अपनी माँ से प्यार करते है तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए ।

$

13. फूलो की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है , लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है ।

14. हमे भूत के बारे में पछतावा नहीं करना चाहिए , ना ही भविष्य के बारे में चिंतित होना चाहिए , विवेकवान व्यक्ति हमेशा वर्तमान में जीते है ।

15. हर मित्रता के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है । ऐसी कोई मित्रता नही जिसमे स्वार्थ ना हो । यह कड़वा सत्य है ।

16. सांप के फन , मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में जहर होता है पर दुष्ट व्यक्ति तो सिर से पैर तक जहर से भर होता है ।

17. वह जो हमारे चिंतन में रहता है वह करीब है , भले ही वास्तविकता में वह बहुत दूर ही क्यों न हो लेकिन जो हमारे हृदय मे नही है वो करीब होते हुए
भी बहुत दूर होता है ।

18. वह जो अपने परिवार से अत्यधिक जुड़ा हुआ है , उसे भय और चिंता का सामना करना पड़ता क्योंकि सभी दुखो की जड़ लगाव है । इसलिए खुश रहने कि लिए लगाव छोड़ देना चाहिए ।

19. जब आप किसी काम की शुरुआत करे , तो असफलता से नहीं डरे और उस काम को न छोड़े । जो लोग ईमानदारी से काम करते है वो सबसे प्रसन्न होते है ।

20.  काम शुरू करने से पहले खुद से पूछे – मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं और परिणाम क्या होगा ।

अगर इस लेख में कोई त्रुटि है तो कृपया अवगत करवाएं । आपके विचार हमारे लिए अमूल्य है कृपया अपने विचार साझा करे । Like व comment जरूर करे ।
धन्यवाद ।

Advertisements