बारकोड चित्र



कोरियर सेवा हो या रिटेल बाजार सभी जगह बारकोड का प्रयोग अब आम हो गया है। इतना ही नहीं पहचान के लिए ‘आधार’ कार्ड में इसका इस्तेमाल हो रहा है। बारकोड की उपयोगिता ने इसे व्यापार की नई भाषा बना दिया है। कुछ ही दिनों बाद बारकोड भारत में खाने और खाद्य पदार्थों की जांच का नया हथियार बन जाएगा। इसकी बड़ी वजह स्मार्टफोन में बारकोड स्कैनर की मौजूदगी है। जानिए कैसे काम करेगी यह तकनीक।

प्रोडक्ट कैसा है इसको लेकर अक्सर जेहन में संदेह पैदा होता रहता है, लेकिन आने वाले दिनों में जल्द ही यह समस्या खत्म हो जाएगी। केंद्र सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से सभी खाद्य पदार्थों में बारकोड अनिवार्य किए जाने के बाद यूजर अपने स्मार्टफोन से खाने की गुणवत्ता को जांच सकेंगे।

मंत्रालय ने बारकोड और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीएस-1 नाम के एक गैरसरकारी संगठन से भी तालमेल किया है। जो देश भर में खाद्य सुरक्षा की दिशा में काम करेगा और सुरक्षित खाद्य श्रृंखला का निर्माण करेगा। यह संगठन दुनिया भर के 150 देशों में सक्रिय है।

जीएस-1 को जिम्मेदारी तकनीक के जानकारों के अनुसार बारकोड गुणवत्ता जांचने का अच्छा तरीका है। वाणिज्य मंत्रालय ने बारकोड के बारे में लोगों को जागरूक बनाने की जिम्मेदारी जीएस-1 को सौंपी है। यह वैश्विक संस्था बारकोड के नंबर और उसके इस्तेमाल संबंधी दिशा-निर्देश तैयार करती है। जीएस-1 इंडिया के सीईओ रवि माथुर के मुताबिक इससे न सिर्फ फूड सेफ्टी बढ़ेगी बल्कि फूड सिक्योरिटी और उसकी बचत भी सुनिश्चित होगी। वाणिज्य मंत्रालय के निर्देशों के बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड और एपीडा ने बारकोड और जीएस-1 के मानकों को अनिवार्य बना दिया है। विदेश के कई देशों में जीएस-1 के मानकों का कड़ाई से अनुपालन हो रहा है। जीएस-1 समय-समय पर मानकों के बारें में निर्देश जारी करता है।

क्या है तकनीक ?

बारकोड में लाइनों के साथ लिखे अंकों की भूमिका बेहद अहम होती है।

बारकोड स्कैनर में एक रीडर होता है जो अंकों और बारकोड के जरिए उसे एक विशेष डाटा से कनेक्ट कर देता है। जो उस आइटम की कीमत और उसकी मात्रा की जानकारी बताते हैं। जीएस-1 इन्हीं अंकों की रिपॉजिटिंग करता है। 

बारकोड के फूड प्रोडक्ट में उपयोग के तीन बड़े फायदे हैं इसमें असली-नकली की पहचान, वैद्यता और पता लगाना प्रमुख हैं।

बारकोड को समझिये ?

बारकोड किसी आंकड़े या सूचना को मशीन से पढ़े जाने योग्य बनाने कातरीका है। बारकोड को वन डाइमेंशनल रेखाओं में बनाया जाता है। इसेऑप्टिकल स्कैनर की मदद से पढ़ा जा सकता है। बारकोड वन डाइमेंशन के साथअन्य डाइमेंशन में बनाए जाते हैं। बारकोड का इस्तेमाल दिनों-दिन बढ़ रहा है।

बारकोड को बनाने का श्रेय नारमन जोसेफ वुड लैंड को है।

बेहतरीन बारकोड स्कैनर & ऐप्स

1. रेड लेज़र (Redlaser)

यह फ्री ऐप है। यह 4.0 ओएस और इसके बाद आईओएस से कंपैटिबल है। इसे एप्पल

स्टोरी से डाउनलोड किया जा सकता है। इस ऐप की परफॉरमेंस काफी

अच्छी है।

2. शॉप सैवी (Shop Savvy)

यह भी बाराकोड स्कैनर ऐप है। यह प्राइज एलर्ट के फीचर से भी लैस है।

3. स्केन लाइफ बारकोड रीडर (Scan life Barcose Reader)

यह ब्लैकबेरी को सपोर्ट करने वाला बारकोड स्कैनर ऐप है। बारकोड को स्कैन

करने के साथ ही इसमें दो या अधिक प्रोडक्ट्स की कीमत की तुलना करने की

खूबी भी शामिल है।

4. बारकोड स्कैनर (Barcode Scanner)

यह एंडॉयड डिवाइस को सपोर्ट करने वाला ऐप है। यह फ्री ऐप है। इसके साथ

ही एंड्रॉयड के लिए शॉप सेवी ऐप भी उपलब्ध है। विंडो ओएस वाली

डिवाइस के लिए बारकोड स्कैनर भी उपलब्ध हैं।

Advertisements